तुझसे कुछ राब्ता है ऐसा की, हसरत हैं बहुत, पर बयां नहीं होती..
बोलने को तुझसे लफ्ज़ बहुत है फुर्सत भी है बहुत, पर जुर्रत नहीं होती..
-प्रशांत 11 Jun 2020
बोलने को तुझसे लफ्ज़ बहुत है फुर्सत भी है बहुत, पर जुर्रत नहीं होती..
-प्रशांत 11 Jun 2020
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