Sunday, July 26, 2020

न तुम उस पार न में इस पार

न तुम उस पार न में इस पार, न सिर्फ मुझे जो फांसला था दरम्यान उसको भी है तेरा इंतेज़ार
पैमाने ही नहीं जाम को भी, जो हसरते थी साकी, वो भी मुन्तज़िर , बरक़रार नहीं बेक़रार है अब तेरे दीदार की ये प्यास..
-प्रशांत 27 July 2020

तुम संग या तुम बिन

तुम संग या तुम बिन, ये तल्ख़ सवाल न पूछो..
गुज़र रही है यादो के संग बस हाल न पूछो..

प्रशांत  27 जुलाई 2020