Tuesday, June 2, 2020

तुझसे नज़दीकियाँ....

तुझसे नज़दीकियाँ.... 

कदम उठे उस राह जहा तेरे कदमो के निशा मिले..अब निशा न रहे पर फ़िज़ा में तेरी खुशबु सी आने लगी है..
खो गई तुझ तक राहे पर खुश है दिल नज़दीकिया तो मिली..अब ये फ़िज़ा भी न रही पर शुक्र है तू नज़र आने लगी है..
-प्रशांत
3rd Jan 2020

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