Saturday, October 2, 2021

ये अरमान

 न शर्म न चिलमन जब ये अरमान बेबाक हुए..

जा चुकी थी महफिल जो थे वो अब अरमान भी न रहे...

प्रशांत माथुर 3 sept 2021

मुस्कुरा दो

 तुम मुस्कुरा दो तो मुस्कुरा देगा ये जहां...

जो खामोश तुम इस तरह, वीरान है मेरी दुनिया...


प्रशांत माथुर , 1 Sept 2021