न शर्म न चिलमन जब ये अरमान बेबाक हुए..
जा चुकी थी महफिल जो थे वो अब अरमान भी न रहे...
प्रशांत माथुर 3 sept 2021
तुम मुस्कुरा दो तो मुस्कुरा देगा ये जहां...
जो खामोश तुम इस तरह, वीरान है मेरी दुनिया...
प्रशांत माथुर , 1 Sept 2021