shauq-e-shauqeen
Tuesday, July 21, 2015
आशिक़ों को ना तो इमारतों की दरकार है और ना ही इबादतगाह की ,
तलाश होती है तो सिर्फ इश्क़ की इल्म की और इम्तिहान की.....
-prashant mathur
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