हर अरमान ऐसा की तरजीह बताये कैसे दिल, न पूछो..
यहाँ भी जन्नत वहा भी जन्नत, फिर मौत क्यों कब आये , न पूछो..
प्रशांत माथुर, 8 Dec 2020
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